सनातन धर्म के मूल्यों के साथ निस्वार्थ समाज सेवा
"श्री सनातन सेवा" की स्थापना इस संकल्प के साथ की गई है कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति, जीव-जंतुओं और असहायों की मदद की जाए। सनातन संस्कृति हमें 'वसुधैव कुटुम्बकम' (पूरा विश्व एक परिवार है) की शिक्षा देती है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए हम निरंतर जनसेवा में तत्पर हैं।
सक्रिय सेवा केंद्र
भोजन वितरण
गौ माता सुरक्षा
स्वयंसेवक
श्री सनातन सेवा ट्रस्ट सत्य, धर्म और निःस्वार्थ सेवा के शाश्वत सिद्धांतों पर काम करता है। हमारा मुख्य ध्येय समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना और उनमें सनातन संस्कारों का बीजारोपण करना है।
हम मानते हैं कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। गौ माता की रक्षा, गरीबों का पेट भरना और जरूरतमंद कन्याओं का कन्यादान हमारे लिए केवल एक कार्य नहीं, बल्कि हमारा अडिग संकल्प है।
सनातन सेवा ट्रस्ट के कार्यों और अभियानों का एक संक्षिप्त विवरण
जिन सिद्धांतों पर हमारा सेवा कार्य आधारित है
हमारा मानना है कि परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है। सत्य और निष्ठा के मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग का उत्थान हमारा प्राथमिक कर्तव्य है।
हम बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के समाज के वंचित वर्गों की सेवा करते हैं। नारायण की प्राप्ति का सीधा मार्ग नर सेवा ही है।
हर जरूरतमंद मनुष्य और बेसहारा जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और प्रेम भाव, हमारे सभी सेवा प्रकल्पों की मूल भावना है।
उन महान विभूतियों का मार्गदर्शन जो हमें प्रेरित करते हैं
संस्थापक एवं परम संरक्षक
"जब हम दूसरों के आँसू पोंछते हैं, तो ईश्वर हमारे हृदय में वास करते हैं। सेवा ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य होना चाहिए।"
श्री सनातन सेवा ट्रस्ट का संचालन एक समर्पित कोर कमिटी द्वारा किया जाता है जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति, शिक्षाविद, संत महात्मा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। यह समिति अत्यंत पारदर्शिता और निष्ठा के साथ ट्रस्ट के सभी सेवा कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करती है।
हमारे हजारों स्वयंसेवकों की अटूट ऊर्जा और दानी सज्जनों का सहयोग ही इस संस्था की वास्तविक शक्ति है। हम सब मिलकर समाज को एक नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सनातन धर्म के ध्वजवाहक बनें और समाज के उत्थान में अपना बहुमूल्य योगदान दें। आप समय, सामग्री या आर्थिक किसी भी रूप में हमारा सहयोग कर सकते हैं।